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महिलाओं पर ये हैं 18 बड़े शेर...रौनके़ं जितनी यहां हैं औरतों के दम से हैं...

women's day shayari
                
                                                         
                            
समाज की पुरुष-प्रधान मान्यताओं को बीते कई दशकों से महिलाओं ने चुनौती देते हुए हर क्षेत्र में स्वयं को स्थापित किया है। कई उदाहरण ऐसे भी देखने को मिलते हैं जहाँ पुरुषों ने भी महिला विरोधी रूढ़ियों का विरोध किया और उनके समान अधिकारों की बात की। यहाँ कुछ ऐसे ही शेर मौजूद हैं जिनमें महिलाओं ने तो अपने हक़ों की आवाज़ उठाई ही है साथ ही पुरुषों ने भी उनके महत्व को समझाया है। 

शहर का तब्दील होना शाद रहना और उदास 
रौनके़ं जितनी यहां हैं औरतों के दम से हैं 
- मुनीर नियाज़ी

कौन बदन से आगे देखे औरत को 
सबकी आँखें गिरवी हैं इस नगरी में 
- हमीदा शाहीन
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8 वर्ष पहले

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