प्रेम - प्रेम मानव ह्रदय की वह भावना है जिसमें मधुर विचारों का समावेश होता है। 'प्यार' ऐसा शब्द है जिसका केवल नाम सुनकर ही एक सुखद एहसास होने लगता है। प्रेम करने वालों के लिए यूं तो हर दिन ख़ास होता है परंतु प्रत्येक प्रेमी को अपनी भावनाएं ज़ाहिर करने के लिए एक ख़ास अवसर की तलाश रहती है। जब समूचा सप्ताह ही प्रेम से भरा हुआ हो और ख़ासकर वह एक दिन यानि प्रेम दिवस 'वैलेंटाइन डे' तो सभी प्रेमियों का उत्साह चरम पर होता है।
तब यदि अपनी प्रेम भावनाओं की अभिव्यक्ति के लिए हमें भावों से परिपूर्ण कविता, ग़ज़ल या शायरी का सहारा मिल जाए तो 'सोने पर सुहागा'
इसलिए प्रेम और स्नेह के इस ख़ास मौके को यादगार बनाने के लिए अमर उजाला काव्य आपके लिए लाया है प्रेम के कवियों और शायरों के चुनिंदा अल्फ़ाज़ जिनके माध्यम से आप अपने भावों को सहज और प्रभावशाली ढंग से ज़ाहिर कर सकते हैं।
झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं
दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं
तू अपने दिल की जवां धड़कनों को गिन के बता
मिरी तरह तिरा दिल बे-क़रार है कि नहीं
- कैफ़ी आज़मी
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दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं
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