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नव वर्ष में आशा का दीप जलाएंगी यह कविताएं...

हैप्पी न्यू ईयर
                
                                                         
                            नया साल आने वाला है। नया साल आदमी के मन में उम्मीद और आशा की लौ जगाता है। लोग नए उत्साह और नई उम्मीद के साथ अपने जीवन की शुरुआत करते हैं। हिंदी साहित्य में कई कवियों ने नए साल को अपने शब्द-भाव में व्यक्त किया है। इसी कड़ी में हम आज आपको रघुवीर सहाय की कुछ कविताओं से रूबरू करा रहे हैं। यह कविताएं आपके मन में उमंग और उम्मीद का दिया जलाएंगी। 
                                                                
                
                
                 
                                    
                     
                                             
                                                

आज फिर शुरू हुआ...

आज फिर शुरू जीवन 
आज मैंने एक छोटी-सी सरल सी कविता पढ़ी 
आज मैंने सूरज को डूबते देर तक देखा

जी भर आज मैंने शीतल जल से स्नान किया
आज एक छोटी सी बच्ची आई, किलक मेरे कंधे चढ़ी
आज मैंने आदि से अंत तक एक पूरा गान किया

आज फिर जीवन शुरू हुआ। 
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आज फिर शुरू हुआ...

8 वर्ष पहले

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