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'गिले-शिकवे' पर कहे गए शेर...

'गिले-शिकवे' पर कहे गए शेर...
                
                                                         
                            ग़ैरों से कहा तुम ने ग़ैरों से सुना तुम ने 
                                                                 
                            
कुछ हम से कहा होता कुछ हम से सुना होता 
- चराग़ हसन हसरत

कोई चराग़ जलाता नहीं सलीक़े से 
मगर सभी को शिकायत हवा से होती है 
- ख़ुर्शीद तलब

कब वो सुनता है कहानी मेरी 
और फिर वो भी ज़बानी मेरी 
- मिर्ज़ा ग़ालिब आगे पढ़ें

6 वर्ष पहले

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