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ये हैं 'नासिर काज़मी' की 5 बेहतरीन ग़ज़लें...

Nasir Kazmi top beautiful ghazal
                
                                                         
                            

वो साहिलों पे गाने वाले क्या हुए
वो कश्तियाँ जलाने वाले क्या हुए

वो सुबह आते-आते रह गई कहाँ
जो क़ाफ़िले थे आने वाले क्या हुए

मैं जिन की राह देखता हूँ रात भर
वो रौशनी दिखाने वाले क्या हुए

ये कौन लोग हैं मेरे इधर-उधर
वो दोस्ती निभाने वाले क्या हुए

इमारतें तो जल के राख हो गईं
इमारतें बनाने वाले क्या हुए

ये आप-हम तो बोझ हैं ज़मीन के
ज़मीं का बोझ उठाने वाले क्या हुए

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अपनी धुन में रहता हूँ...

8 वर्ष पहले

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