क्रिसमस के अवसर पर हर तरफ आपको लोग हंसते गाते मिल जाएंगे। वास्तव में क्रिसमस खुशियां बांटने और खुशियां पाने का पर्व है। इस दिन करुणा की मूर्ति प्रभु यीशु का जन्म हुआ था। यीशु ने दुनिया को सिखाया और बताया कि प्रेम कैसा होता है। हम यहां अपने पाठकों के लिए क्रिसमस की शायरी पेश कर रहे हैं। इन्हें पढ़कर आपकी खुशियां दुगुनी हो जाएंगी।
मुस्कुराते हंसते क्रिसमस ट्री तुम सजाना...
मुस्कुराते हंसते क्रिसमस ट्री तुम सजाना,
जीवन में नयी खुशियों को लाना,
दुःख दर्द अपने भूल कर,
सबको गले लगना और प्यार से क्रिसमस मनाना
चांद ने अपनी चांदनी बिखेरी है...
चांद ने अपनी चांदनी बिखेरी है,
और तारो ने आसमा को सजाया है,
लेकर तौफा अमन और प्यार का,
देखो स्वर्ग से सांताक्लॉस आया है…
रिश्तों में प्यार की मिठास रहे...
रिश्तों में प्यार की मिठास रहे,
कभी न मिटने वाला एहसास रहे,
कहने को तो छोटी सी है ये ज़िन्दगी,
लम्बी हो जाएगी,अगर आप सब का साथ रहें
छुटि्टयों का मौसम है, क्रिसमस की तैयारी है...
छुटि्टयों का मौसम है
क्रिसमस की तैयारी है
रौशन हैं सब इमारतें
जैसे जन्नत ज़मीन पर पधारी है
कड़ाके की ठंड है और बादल भी थोड़े भारी हैं
प्रभु यीशु के आगमन की हो गयी तैयारी है
गुल ने गुलशन से गुलफाम भेजा है...
गुल ने गुलशन से गुलफाम भेजा है,
सितारों ने आसमान से सलाम भेजा है,
मुबारक हो आपको क्रिसमस का यह प्यारा त्यौहार,
हमने अडवांस में यह पैगाम भेजा है
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मुस्कुराते हंसते क्रिसमस ट्री तुम सजाना...
8 वर्ष पहले
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