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तरुण तरन्नुम: जिस को चाहा बस उसी ने ग़म दिया

tarun tarannum famous ghazal jis ko chaha bas usi se gham diya
                
                                                         
                            


जिस को चाहा बस उसी ने ग़म दिया
मुझ को मेरी हर ख़ुशी ने ग़म दिया

मैं तुम्हें ही याद कर के रो पड़ा
जब सफ़र में अजनबी ने ग़म दिया

क्या बचा है अब यक़ीं किस पर करूँ
ज़िंदगी को ज़िंदगी ने ग़म दिया

उम्र साँसें और जीने की तलब
एक इक कर के सभी ने ग़म दिया
 

2 घंटे पहले

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