आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मालिनी अवस्थी की आवाज़ में ये गीत करवाएंगे भारतीय-लोक की सैर

मालिनी अवस्थी
                
                                                         
                            

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित लोक-गायिका मालिनी अवस्थी अवधी, बुंदेली और भोजपुरी में गाती हैं साथ ही वह ठुमरी और कजरी भी अपनी मधुर आवाज़ में गाती हैं। प्रस्तुत है उनकी आवाज़ की झलक इन गीतों के साथ, सुनिए भारत के लोकगीतों की सुंदरता 

रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे
रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे 

जौन टिकसवा से बलम मोरे जैहें, रे सजना मोरे जैहें
पानी बरसे टिकस गल जाए रे, रेलिया बैरन 



जौने सहरिया को बलमा मोरे जैहें, रे सजना मोरे जैहें
आगी लागै सहर जल जाए रे, रेलिया बैरन 

जौन सहबवा के सैंया मोरे नौकर, रे बलमा मोरे नौकर
गोली दागै घायल कर जाए रे, रेलिया बैरन 

जौन सवतिया पे बलमा मोरे रीझे, रे सजना मोरे रीझें
खाए धतूरा सवत बौराए रे, रेलिया बैरन 

मालिनी अवस्थी

मालिनी अवस्थी का जन्म उत्तर-प्रदेश के कन्नौज में हुआ है और वह बनारस घराने से तआल्लुकात रखने वाली पद्म विभूषण गायिका गिरिजा देवी की शिष्या हैं। 

आगे पढ़ें

मालिनी अवस्थी

7 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर