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करवा चौथ के 'चांद' पर ये 20 बेहतरीन शेर...

करवा चौथ के 'चांद' पर ये 20 बेहतरीन शेर
                
                                                         
                            करवा चौथ के दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और चांद निकलने के बाद ही व्रतशाम को चांद दर्शन कर उसे अर्घ्य देकर ही कुछ ग्रहण करती हैं। चाँद शायरों की डायरी का वो पन्ना है जिस पर महबूबा की शक्ल-ओ-सीरत से लेकर रात की तन्हाई तक के किस्से लिखे जाते हैं। यह लेख़कों का वो पसंदीद बिम्ब है जिसकी प्रेरणा से उनकी कितनी ही नज़्में-ग़ज़लें सम्पूर्ण हो पाती हैं।
                                                                 
                            

तुम भी लिखना तुम ने उस शब कितनी बार पिया पानी 
तुम ने भी तो छज्जे ऊपर देखा होगा पूरा चाँद 
- निदा फ़ाज़ली

उसके चेहरे की चमक के सामने सादा लगा
आसमां पे चांद पूरा था लेकिन आधा लगा 
-अज्ञात

...दूर उफ़ुक़ में डूबा

चाँद जब दूर उफ़ुक़ में डूबा
तेरे लहजे की थकन याद आई
- अहमद नदीम क़ासमी

उसके चेहरे की चमक के सामने सादा लगा 
आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा
- इफ़्तिख़ार नसीम

वो चाँद कह के गया था कि आज निकलेगा
तो इंतज़ार में बैठा हुआ हूँ शाम से मैं
- फ़रहत एहसास
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...दूर उफ़ुक़ में डूबा

7 वर्ष पहले

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