बशीर बद्र शायरी के इन पैमानों को स्थापित करते हैं जहां आसान शब्दों में गहरी बात कह दी जाती है। ऐसे शायर ही लोगों के दिलों तक का सफ़र कर पाते हैं। इसलिए यह कहना अतिशयोक्ति नहीं है कि बशीर बद्र भी लोगों के शायर हैं जिन्हें आम से ख़ास तक हर कोई पसंद करता है। न जाने कितनी बार अपनी बात कहने के लिए बशीर साहब को संसद में भी पढ़ा जा चुका है। आइए पढ़ते हैं बशीर साहब के लिखे ऐसे ही कुछ ख़ास शेर
दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे
जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिन्दा न हों
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है
जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
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