थोड़े दिनों बाद
जब लोग समझ जाएंगे
जल्लाद और सितमगरों के इरादे
तब उन्हें याद आएगा
प्रेम, संगीत का झरना
कविता की सुगंध
नीली रोशनी वाला अतलान्त जल
बर्फ का सफेद कोट पहने कंचनजुंगा
अन्तःसलिता श्यामला पृथ्वी
थोड़े दिनों बाद
जब लोग समझ जाएंगे
सिंहासनारूढ़ लोगों के टुच्चे मन
अपने मन के दर्पण में देखेंगे
एक सहस्त्रदल कमल
हज़ारो टहनियों वाले छायादार वृक्ष
एक समयातीत उदार मन की हँसी
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