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ये जो तकदीर में जुदाई है

Ye jo taqdeer mein judaaee hai
                
                                                         
                            ये जो तकदीर में जुदाई है।
                                                                 
                            
दिल से तितली कोई उड़ाई है।।
मैंने माना मैं सिफ्र हूं लेकिन,
मेरे होने से तू दहाई है।।

आप पर जिंदगी लूटा दूंगा,
दिल मेरा सिर्फ मुंह दिखाई है।।
मुस्कुराहट तो है कंवल की तरह,
और उदासी तो जैसे काई है।।

दास्तां सुन कर मेरी कहने लगे,
ये कहानी सुनी सुनाई है।।


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8 वर्ष पहले

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