मशहूर कवि और गीतकार पद्मभूषण गोपाल दास नीरज ने गुरुवार को नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में दुनिया को अलविदा कह दिया। बीते मंगलवार को उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें आगरा के लोटस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अंतिम संस्कार 21 जुलाई 2018 को अलीगढ़ में हआ। पौत्र पल्लव नीरज के न्यूयॉर्क से भारत पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार हआ।
हालांकि बुधवार को उनकी तबियत में सुधार की भी खबर मिली लेकिन अंतत: उनका निधन हो गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गोपालदास को सांस लेने में तकलीफ हुई थी। जिसके कारण उन्हें पहले कमला नगर स्थित साईं अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां कोई सुधार न होने पर उन्हें आगरा के लोटस हॉस्पिटल लाया गया।
इटावा में जन्मे कवि गोपाल दास नीरज को कई सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें 1991 पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 2007 में पद्मभूषण सम्मान मिला। उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें यश भारती सम्मान से नवाजा।
बॉलीवुड की फिल्मों के लिए गोपाल दास नीरज ने कई मशहूर नगमे लिखे, जो आज भी लोगों की जुबां पर हैं। इसके लिए उन्हें तीन बार फिल्म फेयर अवार्ड भी मिल चुका है।
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