देश के जाने माने ऐतिहासिक उपन्यासकार स्व. शरद पगारे के मशहूर उपन्यास 'पाटलिपुत्र की सम्राज्ञी' का नाट्यमन्चन 1 दिसम्बर को नई दिल्ली में होने जा रहा है। नाट्यमन्चन दिल्ली के क्षितिज थिएटर ग्रुप करेगा। उल्लेखनीय है कि उपन्यास 'पाटलिपुत्र की सम्राज्ञी' को ज्ञानपीठ के बाद साहित्य के सबसे बड़े पुरस्कार माने जाने वाले प्रतिष्ठित 'व्यास सम्मान' से विभूषित किया गया है। उक्त उपन्यास को मध्यप्रदेश साहित्य परिषद का भी पुरस्कार मिला है।स्व. शरद पगारे व्यास समान प्राप्त करने वाले मध्यप्रदेश के पहले साहित्यकार थे।
शरद जी के सुपुत्र डॉ सुशीम पगारे ने बताया कि क्षितिज थिएटर ग्रुप रंग कर्म को समर्पित दिल्ली की महत्वपूर्ण संस्था है। इसकी प्रमुख भारती शर्मा हैं जो स्वयं एक स्थापित कलाकार हैं। बॉलीवुड निर्देशक संजय लीला भंसाली की चर्चित वेब सीरीज 'हीरा मंडी' में महत्वपूर्ण भूमिका भी निबाही थी। उपन्यास 'पाटलिपुत्र की सम्राज्ञी' का नाट्य रूपांतरण भारती शर्मा ने ही किया है एवम उसका निर्देशन भी वे ही करने जा रही हैं।
उपन्यास का कथानक
उपन्यास 'पाटलिपुत्र की सम्राज्ञी' का कथानक मौर्य युगीन है।स्व शरद पगारे ने इतिहास की एक अल्प ज्ञात नारी सम्राट अशोक की माँ धर्मा को केंद्र में रख कर उपन्यास का ताना बाना बुना है। धर्मा ने अपने पुत्र अशोक को सम्राट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निबाही और इसके लिए वह चाणक्य से टकराने में भी पीछे नहीं हटी।इतिहास के अंधेरे में खोई हुई एक नारी को सामने लाने के परिणाम स्वरूप ही उक्त उपन्यास को व्यास सम्मान प्रदान किया गया था।हिंदी भाषा में उपन्यास इतना लोकप्रिय है कि इसका मराठी और उड़िया भाषा में भी अनुवाद हो कर प्रकाशन हो चुका है।
नाट्यमन्चन शरद जी को हमारी ट्रिब्यूट है- भारती शर्मा
नाटक की स्क्रिप्ट राइटर और निर्देशक भारती शर्मा नई दिल्ली की जानी मानी रंगकर्मी और अभिनेत्री हैं। उन्होंने कहा कि शरद पगारे जी हमारे समय के महत्वपूर्ण साहित्यकार रहे हैं। उनके लोकप्रिय उपन्यास 'पाटलिपुत्र की सम्राज्ञी' का नाट्यमन्चन उन्हें हमारी ट्रिब्यूट है।
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