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पीएम मोदी अटल जी की यह कविता पढ़कर 2 दिन तक रोते रहे

Atal Bihari Vajpayee
                
                                                         
                            पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा अनुसार श्रद्धांजलि दे रहा है। हिमाचल प्रदेश में हेरिटेज ट्रेन में अटल जी की कविताओं का पाठ किया गया। जहां एक रोचक जानकारी सार्वजनिक हुई।..जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था, रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई, यूं लगा जिंदगी से बड़ी हो गई। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ‘मौत से ठन गई,’ की इन पंक्तियों के साथ हिमाचल के साहित्यकार सुदर्शन वशिष्ठ ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की। चलती ट्रेन में पिछले दिनों आयोजित इस साहित्यिक गोष्ठी का काफी लोगों ने आनंद लिया।
 

 

अटल तुम याद आ रहे हो...

वशिष्ठ ने बताया कि जून 2002 में मनाली में आयोजित कवि सम्मेलन में अटल जी ने कविता पाठ के दौरान काल और मृत्यु पर अधिकतर कविताएं सुनाईं। उन्होंने बताया कि ‘मौत से ठन गई,’ कविता उन्होंने अस्पताल में लिखी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय हिमाचल प्रभारी थे और वो भी इस कवि सम्मेलन में मौजूद थे।
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अटल तुम याद आ रहे हो...

8 वर्ष पहले

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