आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

गर्मी के मौसम पर सुधा गुप्ता की हाइकु कविता:  तन्दूर तपा धरती रोटी सिंकी

summer vacations
                
                                                         
                            1
                                                                 
                            
तन्दूर तपा
धरती रोटी सिंकी
दहके लाल

2
आग का गोला
फट गया सुबह
बिखरे शोले

3
सूखे गले से
कलप रही हवा
घूँट पानी के

4
लपटों -घिरा
अगिया बैताल-सा
लू का थपेड़ा

5
आग की गुफ़ा
भटक गई हवा
जली निकली

6
फटा पड़ा है
हज़ार टुकड़ों में 
पोखर-दिला

 7
धूप से तपा
देह पर फफोले
ले, दिन फिरा

8
कुपिता धरा
अगन-महल में
आसन-पाटी
आगे पढ़ें

7 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर