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मौन क्यूँ

                
                                                         
                            लब खामोश
                                                                 
                            
दिल धड़कता है
सीने में मेरे।

होठों पे मेरे
जाम छलकता है
फिर भी प्यासा।

आँखें बंद है
पलकें बोझिल हैं
नींद रूठी है।

फिजा़ रंगीन
दिल गमगीन है
तेरी याद में।

तेरा संगीत
लबों पर गीत है
फिर मौन क्यूँ?

दिनेश यादव

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8 वर्ष पहले

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