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कैंपस शायरी

गजल

Balchandra Kushwaha

6 कविताएं

39 Views
जहाँ में इश्क की कीमत कौन जनेगा!
मेरे दिल पे है तेरी हुकूमत कौन जनेगा !
इनके पीछे क्या है तुम्हारे सिवा ,
बहते आँसुओं की हकीकत कौन जनेगा !
बहुत मशरूफ कर दिया तुम्हारी याद ने हमको,

कब मिलेगी मोहलत कौन जानेगा !
मेरी गजलों की कीमत है सभी अब लोग कहते है ,

केसे कमाई है ये दौलत कौन जनेगा !

-कुशवाह

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