त्रिवेणी घाट के नाव घाट पर दशहरे के दौरान शॉर्ट सर्किट से पुतलों के जल जाने से दशहरा कमेटी के सदस्यों, स्थानीय लोगों और बाहरी राज्यों से मेला देखने पहुंचे दर्शकों को मायूस होना पड़ा। हालांकि, कुछ ही देर बाद मायाकुंड के पांच नन्हें कलाकारों ने अपने हुनर और उत्साह से दशहरे की रौनक दोबारा लौटा दी। बच्चों की ओर से महज 40 रुपये की लागत से तैयार किए गए तीन फीट के रावण के पुतले ने दर्शकों का दिल जीत लिया।