पिथौरागढ़ में यूजीसी(यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) का विरोध करते हुए विभिन्न संगठन के लोगों ने इसे वापस लेने की मांग पर प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि यूजीसी सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का हथियार है इसका गलत तरीके से उपयोग होगा। विभिन्न संगठन के लोगों ने नगर के रामलीला मैदान में एकत्र होकर यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि यूजीसी सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के भविष्य के लिए सही नहीं है। ऐसा इसलिए इसके तहत सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के खिलाफ किसी भी शिक्षण संस्थान में फर्जी आरोप लगाए जा सकते हैं जो इनके भविष्य के लिए घातक साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून शिक्षण संस्थानों में समानता नहीं विद्यार्थियों के बीच असमानता और भेदभाव पैदा करेगा। यूजीसी के नए नियम बगैर अपराध के भी सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को अपराधी घोषित करेंगे। यह कानून सामान्य वर्ग को पीछे धकेलने के लिए लागू किया गया है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों ने कहा कि यह कानून लागू करने से पहले सरकार ने सामान्य वर्ग के लोगों की राय नहीं ली जो बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। इस दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चेतावनी देते हुए कहा यदि यूजीसी को वापस नहीं लिया गया तो देश में बड़ा आंदोलन होगा। प्रदर्शन करने वालों में बार संघ के अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट, पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर महर, कांग्रेस की महिला जिलाध्यक्ष भावना नगरकोटी, राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रवीण रावल, आरएस खनका, उमेश फुलारा, कैलाश पुनेठा, सीएस जोशी, एमसी जोशी सहित कई लोग शामिल रहे।