पिथौरागढ़ में सड़क के लिए सीमांत क्षेत्र कनार के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला मुख्यालय में जुलूस निकाला और शासन-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे के साथ ग्रामीणों का जुलूस कलक्ट्रेट पहुंचा और प्रदर्शन के बाद अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया। कहा कि जब तक गांव तक 18 किलोमीटर सड़क नहीं पहुंचती उनका धरना जारी रहेगा। नगर के सिल्थाम तिराहे से गांधी चौक, नया बाजार, केमू स्टेशन और टकाना होते हुए कनार के ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। नारेबाजी के साथ जोरदार प्रदर्शन हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरकार और नेता सड़क के लिए उनको ठगते आए हैं। आजादी के इतने वर्षों बाद भी उनका इलाका सड़क से नहीं जुड़ पाया है। कनार गांव से सड़क तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को करीब 18 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। आज भी उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बीमारों को अस्पताल पहुंचाना और बच्चों को स्कूल पढ़ाना है। अस्पताल ले जाते वक्त अनेक लोग रास्ते में दम तोड़ देते हैं। रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की समस्या छोड़ भी दें तो इतने दूरस्थ क्षेत्र से बच्चों को स्कूल और बीमारों को अस्पताल कैसे पहुंचाते हैं, यह वही जानते हैं। उन्होंने कहा कि अब सड़क के लिए पेड़ों के कटने की बाधा बताई जा रही है, लेकिन सड़क पहुंची तो क्षेत्र के ग्रामीण कटे पेड़ों के बदले दो गुना-तीन गुना पौधरोपण कर उनका संरक्षण करेंगे। इसलिए वर्षों से की जा रही कनार को सड़क से जोड़ने की मांग पूरी की जानी चाहिए। प्रदर्शन के बाद कनार की ग्राम प्रधान सरिता परिहार, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र सिंह परिहार, क्षेत्र पंचायत सदस्य जाराजिबली रमेश सिंह धामी, जगत परिहार,मनोज परिहार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट के बाहर अनशन स्थल पर अनिश्चतकालीन धरना शुरू कर दिया। कहा कि जब तक मुख्यमंत्री या अन्य कोई जिम्मेदार व्यक्ति सड़क निर्माण का लिखित में आश्वासन नहीं देगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान विमला देवी, चंपा, दूरी देवी, इंदिरा, भूमि, पार्वती देवी, हेमा, खष्टी देवी और मंजू समेत अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।