श्रीनगर क्षेत्र में आयोजित मॉक अभ्यास के तहत विभिन्न स्थानों को आपदा परिदृश्यों के रूप में चिन्हित कर घटनाओं का यथार्थ चित्रण किया गया। कहीं भूस्खलन की स्थिति में मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की चुनौती सामने आई, तो कहीं सड़क दुर्घटना में घायलों को त्वरित उपचार और अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था को परखा गया। अग्निकांड की स्थिति में प्रभावित स्थल से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की तत्परता दिखाई गई, वहीं भूकंप जैसी स्थिति में क्षतिग्रस्त भवनों से रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित कर राहत कार्यों की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया।अत्यधिक वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से नियंत्रित करने, यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा संवेदनशील क्षेत्रों को खाली कराने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का भी अभ्यास किया गया। इस दौरान प्रशासन द्वारा संसाधनों के समुचित प्रबंधन और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रदर्शन किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आपात स्थिति में व्यवस्थाओं को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकता है।