हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के लोक कला संस्कृति निष्पादन केंद्र की ओर से दो दिवसीय नाट्य समारोह आयोजित किया गया। जिसमें ज्ञान की अदृश्य बूंदे नाटक का दो दिन मंचन किया गया। नाटक का लेखन एवं निर्देशन रोहित यादव ने किया। नाटक के माध्यम से नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।नाटक के माध्यम से दिखाय गया कि किस तरह आज नई पीढ़ी नशे की लत में हैँ और मां-बाप परेशान हैं। नई पीढ़ी द्वारा मंहगी चीजों की डिमांड की जा रही है। दिखाया गया कि शिक्षा का महत्व सिर्फ किताबी पढाई नहीं है, शिक्षा हमारे मस्तिष्ट को विकसित कर तर्क-वितर्क की शक्ति प्रदान करती है तथा सभ्य बनाती है। केंद्र के शिक्षक व आयोजक सचिव तथा उस्ताद बिसमिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित डा. संजय पांडेय ने बताया कि इस नाटक का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के मूल रूप को जानना तथा उसे अपने निजी जीवन में उतारने का संदेश देना था। नाटक में प्रकाश व्यवस्था विकेश बाजपेयी, ध्वनि व्यवस्था आनंद कपूर की रही।