अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र में स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डभरा परिसर में शुक्रवार को 161 संदिग्ध जिलेटिन रॉड मिलने से हड़कंप मच गया। झाड़ियों में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री को सबसे पहले विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य सुभाष सिंह ने देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वाड और फील्ड यूनिट की टीमें मौके पर पहुंचीं और क्षेत्र की घेराबंदी कर विस्तृत तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान पहले स्थान से कुछ पैकेट और करीब 15–20 फीट आगे दूसरे स्थान से और पैकेट बरामद हुए। कुल मिलाकर 161 बेलनाकार पैकेट, जो जैलेटिन रॉड प्रकार के विस्फोटक पाए गए, सुरक्षित स्थान पर ले जाकर सील पैक कर दिए गए। बम निरोधक टीम ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से इन्हें नियंत्रित तरीके से नष्ट किया जाएगा। पूरे अभियान की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से की गई।
जिलेटिन रॉड मिलने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह सामग्री किसी सड़क निर्माण कार्य के लिए उपयोग की जानी थी या इसके पीछे कोई संदिग्ध उद्देश्य छिपा है। जंगल क्षेत्र में बिना अनुमति और बिना सुरक्षा के इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलना सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर गया है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली विस्फोटक सामग्री को निर्धारित नियमों के तहत ही स्टोर किया जा सकता है, ऐसे में यह बरामदगी कई सवाल खड़े करती है।
पुलिस ने पूरे इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। साथ ही लोगों से सहयोग की अपील करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा है।
इस मामले में धारा 4(क) विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 और 288 बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा ने कहा कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही यह साफ हो जाएगा कि विस्फोटक सामग्री यहां कैसे और किसने छिपाई।