सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुभाष राजभर ने भाजपा पर चुनाव से पहले लोकलुभावन योजनाओं के जरिये जनता को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद ‘रेवड़ी कल्चर’ की राजनीति के खिलाफ बात करते हैं, लेकिन चुनाव से पहले भाजपा सरकारें ऐसी योजनाएं लेकर आती हैं, जिनका उद्देश्य जनता को लुभाना नजर आता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर रेवड़ी की राजनीति गलत है तो चुनावी समय में ऐसी घोषणाओं का औचित्य क्या है? डॉ. राजभर ने भाजपा के सपा पर लगाए जाने वाले परिवारवाद के आरोप पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार सपा को वंशवाद के मुद्दे पर घेरती है, जबकि भाजपा में भी परिवारवाद का आरोप लगाया जाता रहा है। उनके मुताबिक, राजनीति में वंशवाद जैसी किसी व्यवस्था का कोई औचित्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा में वंशवाद नहीं, बल्कि समाजवाद की विचारधारा चलती है। सपा प्रवक्ता ने भाजपा के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार योजनाओं के माध्यम से सभी के विकास का दावा करती है, लेकिन वास्तविक लाभ चुनिंदा वर्गों तक ही सीमित है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से आम जनता को महंगाई और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. राजभर ने कहा कि सपा सत्ता में आई तो महिलाओं के मुद्दों और महंगाई के खिलाफ प्राथमिकता से काम करेगी। उन्होंने भाजपा सरकार के कार्यकाल पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में जनता के लिए समस्याओं के ‘गड्ढे’ खोदे गए हैं, जिन्हें सपा सरकार बनने पर एक महीने में पाटने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सपा की सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश की जनता को व्यापक स्तर पर राहत और योजनाओं का लाभ मिलेगा। सपा प्रवक्ता के बयान को आगामी चुनावी राजनीति के लिहाज से भाजपा पर सीधा हमला माना जा रहा है।