मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्यक्रम पूरा हो चुका है। दस अप्रैल को इसकी अंतिम सूची जारी की गई। गत छह जनवरी को ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद मतदाताओं से नए नाम जोड़ने, काटने के लिए आवेदन लिए गए थे। इस दौरान 66 हजार से ज्यादा नाम जोड़ने के लिए आवेदन प्राप्त हुए थे, जबकि नाम काटने के लिए 22 हजार आवेदन आए। सत्यापन के बाद तैयार हुई अंतिम सूची में 44 हजार से ज्यादा मतदाता बढ़े हैं। सबसे ज्यादा 18 हजार नाम राज्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र ओबरा में बढ़े हैं। हालांकि सबसे ज्यादा नाम भी इसी क्षेत्र से कटे थे। डीएम बद्रीनाथ सिंह ने बताया कि एसआईआर के तहत चार चरणों में वर्ष 2003 और वर्ष 2025 की सूची में शामिल मतदाताओं की मैपिंग की गई थी। इसके बाद उनसे साक्ष्य लेकर नाम, पते में संशोधन व विलोपन किए गए थे। इसके चलते जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों से 2.51 लाख से ज्यादा नाम सूची से कट गए थे। इसके बाद छह जनवरी को ड्राफ्ट सूची का प्रकाशन करते हुए नए नाम जोड़ने और काटने के लिए आवेदन मांगे गए थे। ड्राफ्ट सूची में मतदाताओं की कुल संख्या 1153114 थी। इस अवधि में नाम जोड़ने के लिए 66562 और नाम काटने के 22149 आवेदन प्राप्त हुए। बीएलओ के माध्यम से इन आवेदनों का सत्यापन करते हुए दावा-आपत्तियों का निस्तारण किया गया। इसके बाद तैयार हुई अंतिम सूची का प्रकाशन 10 अप्रैल को सभी बूथों पर किया गया।