मत्स्य विभाग की केज कल्चर योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सामने आया है। रिहंद जलाशय से जुड़े डोंगिया नाला में पुराने केज को ही नया दिखाकर धनराशि निकाली गई है। कई लाभार्थियों के खाते में आई धनराशि को भी गड़बड़ी करते हुए निकाल कर हड़प लिया गया। शुक्रवार को पहुंचे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के निरीक्षण में इसकी पोल खुली। नाराज मंत्री ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद शुक्रवार को दोपहर डोंगिया नाला स्थित रिहंद जलाशय पहुंचा। वहां से नाव के जरिए वह मछली पालन के लिए लगाए गए केज पर पहुंचे। जांच के दौरान वहां कई अनियमितताएं मिलीं। कई केज में मछली पालन नहीं हो रहा था। उनमें काई जमी हुई थी। जांच में पता चला कि केंद्र सरकार की योजना के तहत पूर्व में लगाए गए केज कल्चर परियोजना को ही नया दिखाकर धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। सके अलावा लाभार्थियों के नाम पर भेजी गई सरकारी राशि भी उनसे वापस लेकर एक ही व्यक्ति को फायदा पहुंचाने की बात सामने आई। डॉ. संजय निषाद ने बताया कि केज कल्चर परियोजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। इससे सरकार की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। इस पूरे मामले में छोटे से लेकर बड़े स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान एडीएम (न्यायिक) रमेश कुमार, एसडीएम निखिल यादव, सीओ पिपरी हर्ष पांडेय, सहायक निदेशक मत्स्य आरके श्रीवास्तव, मत्स्य निरीक्षक राकेश ओझा, क्राइम इंस्पेक्टर हरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।