शामली। 3 जनवरी 2022 को शामली के गांव लांक में 50 वर्षीय मजदूर पालेराम की हत्या के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ऋतु नागर ने मुजरिम कृष्णपाल और उसके दो बेटों विवेक उर्फ केकड़ा तथा विशांत और एक अन्य मुजरिम अमित निवासी गांव लांक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत में मुजरिमों पर 1.2 लाख अर्थ दंड की सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक पुंडीर ने बताया कि 3 जनवरी 2022 की शाम करीब 5:30 बजे शामली कोतवाली के गांव लांक में विवेक उर्फ केकड़ा गांव के ही 50 वर्षीय मजदूर पाले राम को अपने घर बुलाकर ले गया था। इस दौरान कहां सुनी होने पर मुजरिमों ने पाले राम की फावडे से काटकर हत्या कर दी और शव को बोरी में बंद करके साइकिल पर रखकर तालाब के पास छुपा दिया। इस दौरान गांव के ही विनोद में पालेराम के शव को छुपाते हुए देख लिया था। मुजरिमों ने पाले राम की हत्या के करीब 2 घंटे बाद हत्या के चश्मदीद विनोद की भी फावडे से काटकर हत्या कर दी थी। मामले में मृतक पाले राम के बेटे संदीप ने शामली कोतवाली पर कृष्ण पाल और उसके बेटे विवेक उर्फ केकड़ा, विशांत और एक अन्य मुजरिम अमित निवासी गांव लांक के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त फावड़ा, दाव और साइकिल बरामद कर ली थी। मुजरिमों के मकान के कमरे में मृतक के खून के छीटे भी मिले थे। 28 मार्च 2022 को पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिए थे। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। मुकदमे में वादी पक्ष के अधिवक्ता कुरबान चौधरी और शबनम चौधरी की ओर से पैरवी की गई। सोमवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ऋतु नागर ने दोष सिद्ध पाए जाने पर मुजरिम कृष्ण पाल और उसके दो बेटों विवेक उर्फ केकड़ा और विशांत तथा एक अन्य मुजरिम अमित को आजीवन कारावास और 1.2 लाख रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई।