शाहजहांपुर में विजयदशमी पर्व पर मंगलवार को खिरनीबाग रामलीला मैदान में अहिरावण और रावण वध की लीला का मंचन किया गया। विभीषण की सलाह पर श्रीराम का बाण लंकेश की नाभि में लगते ही अमृत सूखने पर वह धराशायी हो जाता है। इसके बाद रावण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। श्रद्धालुओं ने श्रीराम के जयकारे लगाए। रावण के अंत के साथ ही अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया। इसके बाद आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया। आधी रात के बाद विभीषण ने सबसे पहले मेघनाद के पुतले को जलाया। इसके बाद रावण के पुतले को आग दी गई। पुतले जलते ही पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इससे पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कलाकारों को सम्मानित किया।