फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut: मेरठ कॉलेज में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू

Dimple Sirohi Updated Thu, 12 Mar 2026 01:56 PM IST

मेरठ कॉलेज के विधि विभाग हॉल में बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश संस्थान के तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि आचार्य बालकृष्ण, राम कुमार गुप्ता, कॉलेज सचिव विवेक गर्ग और प्राचार्य प्रो. युधवीर सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रो. वाचस्पति मिश्र ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उनका परिचय कराया। कार्यक्रम की शुरुआत में कॉलेज के सर्वोत्तम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए पुरस्कारों की घोषणा भी की गई। कन्या गुरुकुल नारंगपुर की आचार्य रश्मि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ चिकित्सा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में कई बार किसान अपनी जमीन गिरवी रखने को मजबूर हो जाते हैं या समय पर इलाज न मिलने से जीवन भी गंवा देते हैं। कार्यक्रम में चोटीपुरा की छात्राओं ने बिना देखे गीता के श्लोक सुनाकर सभी को प्रभावित किया। वहीं आचार्य सुमेधा ने भारत भूमि की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ माना गया है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में आई विकृतियों और अंग्रेजी के बढ़ते प्रभाव से संस्कृत-हिंदी की देवनागरी लिपि के क्षरण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य की नई दिशा है। भारत प्राचीन काल से ही समृद्ध और ज्ञान की दृष्टि से अग्रणी रहा है, जहां से विश्वभर में ज्ञान और व्यापार का प्रसार हुआ।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें