गणेश महोत्सव के चलते सोमवार को गगनीखेड़ा विसर्जन स्थल झील में गाजे-बाजे और अबीर गुलाल उड़ाते हुए लोगों ने गणपति को विदाई देते हुए विसर्जन किया। झील में अधिक गहराई और पानी बढ़ने के कारण पुलिस सुरक्षा के बीच मूर्तियों का विसर्जन किया गया। वहीं नगर में जगह-जगह विराजे गणपति बप्पा की पूजा अर्चना कर महाआरती उतारी गईं। सोमवार को विसर्जन स्थल पर भीड़ कम रही। माना जा रहा मंगलवार और बुधवार को महोत्सव के अंतिम दिनों में विसर्जन करने वालों की भीड़ अधिक रहेगी जिसके चलते विसर्जन स्थल पर स्थानीय पुलिस फोर्स और बढ़ाया जा सकता है। जिसके लिए सोमवार को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह, ईओ नगर पालिका डा. राजेश कुमार सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया और अगले दो दिनों में किए जाने वाले गणेश मूर्ति विसर्जन को लेककर रिर्हसल करते हुए पुलिस सुरक्षा के बीच मूर्तियों का विसर्जन कराया गया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि कुल 35 मूर्तियों का आज विसर्जन किया गया। वहीं नगर के गायत्री नगर, भातू फार्म, पोनीरोड, साकेतपुरी राजधानी मार्ग, ब्रम्हनगर, सर्वाेदय नगर, मंशाखेड़ा, कंचन नगर समेत अन्य स्थानों पर विराजे गणपति की पूजा अर्चना करते हुए उनकी महाआरती उतारी गई और लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।