कुड़नी-नरवल मुख्य मार्ग पर पर्यावरण संरक्षण के नाम पर किए गए पौधारोपण के दावों की हवा निकल गई है। पिछले वर्ष वन विभाग द्वारा बड़े उत्साह के साथ सड़क किनारे 700 से अधिक पौधे रोपे गए थे और उनकी सुरक्षा के लिए लोहे के ट्री-गार्ड भी लगाए गए थे। लेकिन विभाग की लापरवाही का आलम यह रहा कि पौधों को लगाने के बाद उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। न तो पानी की नियमित व्यवस्था की गई और न ही उनकी देखभाल की गई। नतीजा यह हुआ कि साल भर के भीतर ही अधिकतर पौधे सूखकर नष्ट हो गए। आज स्थिति यह है कि सड़क किनारे लगे ट्री-गार्ड खाली खड़े हैं, जो विभाग की कार्यशैली और सरकारी धन की बर्बादी की गवाही दे रहे हैं।