विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर शनिवार को चंद्रप्रभा रेंज की टीम द्वारा लतीफशाह वन विश्राम गृह परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। मुख्य अतिथि वृक्ष बंधु डॉ. परशुराम सिंह ने पौधारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण का आधार ही नहीं, बल्कि जीवन का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” जैसी पहल समाज में भावनात्मक जुड़ाव के साथ पर्यावरण संरक्षण की सोच को मजबूत करती है। हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी जिम्मेदारी से करनी चाहिए।विशिष्ट अतिथि चंद्रप्रभा रेंजर अखिलेश कुमार दुबे ने कहा कि वन विभाग लगातार हरित क्षेत्र बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि इसे जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों ने भी पर्यावरण संरक्षण में शिक्षा की भूमिका पर जोर दिया। मुख्य शिक्षक ने कहा कि विद्यालय स्तर से ही बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी पर्यावरण के महत्व को समझ सके।सर्व शिक्षण अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा और पर्यावरण का गहरा संबंध है।यदि बच्चों को शुरू से ही वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के बारे में बताया जाए, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही उपस्थित लोगों को पर्यावरण बचाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान उप क्षेत्रीय वन अधिकारी रामचरित्र सिंह, वन दरोगा रिशु चौबे,वन दरोगा जागृति यादव इत्यादि उपस्थित रहे।