अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या में आई गिरावट अब तेजी से दूर होने लगी है। रामलला के दरबार में एक बार फिर विदेशी भक्तों की आस्था लौटने लगी है। नई व्यवस्थाओं और पारदर्शिता की दिशा में किए जा रहे बदलावों से श्रद्धालुओं का भरोसा मजबूत हुआ है। शुक्रवार को अमेरिका से आए 10 श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। इनमें सात महिलाएं और तीन पुरुष शामिल रहे। चढ़ावा चोरी की घटना के बाद राम मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या घट गई थी। जून में रोजाना महज 50 से 60 हजार श्रद्धालु दर्शन को पहुंच रहे थे। जुलाई में यह संख्या बढ़कर 60 से 70 हजार व अगस्त में 80 से एक लाख तक पहुंच गई। सितंबर में भी श्रद्धालुओं का प्रवाह बरकरार है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने अमेरिकी श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराए। महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि चढ़ावा चोरी की घटना के बाद लोगों के विश्वास को जिस तरह ठेस पहुंची थी, अब नई व्यवस्थाओं के साथ वह भरोसा फिर मजबूत होने लगा है। श्रद्धालु नई व्यवस्था से संतुष्ट नजर आ रहे हैं। हर वर्ग के लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कहा कि आने वाले समय में सभी व्यवस्थाएं अधिक पारदर्शी नजर आएंगी। तीन माह में सिर्फ 10 विदेशी, अब 10 दिन में 50 पार : पर्यटन विभाग से पंजीकृत टूर गाइड वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ अयोध्या (टीजीएए) के अध्यक्ष अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने बताया कि जून से अगस्त के बीच उनके एसोसिएशन के माध्यम से मात्र 10 विदेशी श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे थे। सामान्य दिनों में उनका एसोसिएशन हर महीने करीब पांच हजार श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराता है, इनमें करीब 200 विदेशी होते थे। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फिजी, कनाडा, श्रीलंका और रूस समेत कई देशों से श्रद्धालु आते हैं। बताया कि चढ़ावा चोरी की घटना के बाद श्रद्धालुओं की संख्या घटकर करीब 100 से 150 रह गई थी और विदेशी श्रद्धालु लगभग न के बराबर थे। अब फिर से तस्वीर बदल रही है। एक से 10 सितंबर के बीच 50 से अधिक विदेशी श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसे श्रद्धालुओं के भरोसे की वापसी के तौर पर देखा जा रहा है।