परिजनों का आरोप है कि सरकार की ओर से कोई मदद नहीं की जा रही है भारत और यूक्रेन के दूतावास भी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं बेटे की याद में परिवार का बुरा हाल हो गया है यूक्रेन में रूस द्वारा जहाज पर हमले के बाद रामचंद्र जान बचाने के लिए समुद्र में कूद गए थे यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर वाणिज्यिक जहाज पर रूस के हमले के बाद लापता दो भारतीयों में से एक झूंसी के नीबी कला के रामचंद्र दुबे (23) का 25 दिन बाद भी सुराग नहीं लग सका है। बेटे की कोई सूचना न मिलने से बूढ़े माता-पिता का बुरा हाल है। परिजनों का आरोप है कि दूतावासों से कोई मदद नहीं मिल रही है। यूक्रेन दूतावास से सिर्फ यह बताया गया कि गहरे समुद्र में उनकी तलाश चल रही है। इसके अलावा कुछ नहीं पता।