आगरा के जैतपुर और बाह क्षेत्र के गांव-कस्बों में विघ्नहर्ता की विदाई को शुक्रवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। 'गणपति अपने गांव चले, कैसे हमको चैन पड़े..... जिसने जो मांगा उसने वो पाया, रस्ते पे हैं सब लोग खड़े' भजन पर भाव विभोर हुए श्रद्धालु जमकर नाचे। हाइवे पर विसर्जन यात्राओं में जमकर अबीर और गुलाल उड़ा। डीजे की धुन पर देवालयों से लेकर चौक पर स्थापित गणेश प्रतिमाएं विसर्जन के लिए लेकर निकले श्रद्धालु यमुना नदी के कचौराघाट, पई घाट, कमतरी घाट पर पहुंचे। जबकि चंबल नदी के कैंजरा, नंदगवा घाट पर प्रतिमा विसर्जन को टोलियों में श्रद्धालु पहुंचे। विसर्जन यात्राओं के समापन पर 'गणपति जी हर साल यूं ही घर मेरे आते रहना, सिद्धिविनायक यूं ही सदा सुख बरसाते रहना' के भाव के साथ प्रतिमाओं की पूजा की गई। रमेश चन्द, सुनील कुमार, राकेश, विनोद सिंह, अखिल कुमार, दिनेश चन्द ने बताया कि श्रद्धाभाव से आरती उतार कर विसर्जन किया गया। विसर्जन के आखिरी दौर तक अस्थाई कुंड नहीं बनाए गये। नतीजतन बे रोक टोक श्रद्धालु यमुना एवं चंबल नदी में प्रतिमा विसर्जन करते रहे।