सरकारी निर्माण में भ्रष्टाचार से कैसे जेब भरी जाती हैं, इसकी गवाही एसएन मेडिकल कॉलेज का सर्जरी एंड एलाइड स्पेशलिस्ट ब्लॉक दे रहा है। 10 साल में ही यह भवन जर्जर हो गया। जगह-जगह टाइल्स गिर रही हैं। दरवाजे और फॉल्स सीलिंग भी टूट गई है। सेंट्रल एसी खराब पड़ा है। इंतजाम न होने से 2022 में आग भी लग चुकी है। पोस्टमार्टम हाउस के पास वर्ष 2008-09 में इस भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ। शुरू में इसका बजट करीब 85 करोड़ रुपये था। यह जी प्लस 7 इमारत है। यह 2016 में तैयार हुई। इसमें रैंप और ऑपरेशन थिएटर नहीं बने थे, ऐसे में करीब पांच करोड़ रुपये और मिले। रैंप-ऑपरेशन थिएटर बनाए गए। इसी साल इसे एसएन को हैंडओवर किया गया। निर्माण के कुछ साल बाद ही टाइल्स गिरने लगी। फॉल्स सीलिंग टूटने से कई बार मरीज बाल-बाल बचे। इसमें घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और भ्रष्टाचार पर सामाजिक कार्यकर्ता प्रदर्शन भी कर चुके हैं। 2002 में इसी भवन में आग भी लग गई थी, जिससे मरीजों को बाहर निकालना पड़ा था। उस वक्त इसमें आग से निपटने के इंतजाम भी नहीं थे। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि उनके कार्यकाल से पहले यह बनी थी। इसमें मरम्मत कार्य भी कराया जा रहा है। फॉल्स सीलिंग लगाने का कार्य चल रहा है।