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Shimla: राष्ट्रपति निवास में 'वंदे मातरम्' की ऐतिहासिक गूंज, 130 साल पुराने रिकॉर्ड प्लेयर पर सुनी 1920 की रिकॉर्डिंग

Ankesh Dogra Updated Fri, 10 Jul 2026 11:27 AM IST

राष्ट्रपति निवास स्थित भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस), शिमला में शुक्रवार को 'वंदे मातरम् : एक यात्रा' शीर्षक से विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और राष्ट्रगीत के इतिहास से जुड़ी दुर्लभ धरोहरों का अवलोकन किया। प्रदर्शनी का सबसे आकर्षक केंद्र करीब 130 वर्ष पुराना रिकॉर्ड प्लेयर रहा, जिस पर राज्यपाल ने वर्ष 1920 में रिकॉर्ड किए गए 'वंदे मातरम्' के ऐतिहासिक संस्करण को सुना। इस दुर्लभ प्रस्तुति ने राष्ट्रगीत के गौरवशाली इतिहास को जीवंत कर दिया और उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन के दौर की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ दिया। प्रदर्शनी में 27 विशेष पैनलों के माध्यम से 'वंदे मातरम्' की ऐतिहासिक यात्रा को विस्तार से दर्शाया गया है। इसमें राष्ट्रगीत की रचना, पहली बार सार्वजनिक प्रस्तुति, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका, ब्रिटिश शासन के दौरान इस पर लगाए गए प्रतिबंध तथा वर्ष 1950 में इसे राष्ट्रगीत का दर्जा मिलने तक की पूरी यात्रा को दुर्लभ तस्वीरों, दस्तावेजों और अभिलेखों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। आईआईएएस के निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि यह प्रदर्शनी अगले छह माह तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी। हर वर्ष संस्थान में बड़ी संख्या में पर्यटक, विद्यार्थी और शोधार्थी पहुंचते हैं। ऐसे में अनुमान है कि इस अवधि के दौरान करीब एक लाख लोग प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को राष्ट्रगीत के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान से परिचित कराना है। इसी अवसर पर 'सरदार पटेल का विजन : अखंडता, एकजुटता और संघवाद' विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का भी शुभारंभ हुआ। इसमें देश-विदेश के विद्वान राष्ट्रीय एकीकरण, सहकारी संघवाद, संवैधानिक विकास, केंद्र-राज्य संबंध और सुशासन जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे।

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