राजधानी शिमला के लोअर बाजार में शुक्रवार को प्रशासन की ओर से रुटीन मॉकड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण किया गया। मॉकड्रिल का सबसे अहम पहलू यह रहा कि हाल ही में तहबाजारी हटाए जाने के बाद आपातकालीन वाहन बिना किसी रुकावट के पूरे मार्ग से आसानी से गुजर गए। अभ्यास के दौरान दमकल सहित अन्य आपातकालीन वाहनों को लोअर बाजार से निकाला गया। पहले जहां संकरी जगह और अतिक्रमण के कारण राहत वाहनों की आवाजाही में दिक्कत आती थी, वहीं इस बार किसी भी स्थान पर वाहन को रुकना नहीं पड़ा। इससे स्पष्ट हुआ कि अतिक्रमण हटने के बाद मार्ग पहले की तुलना में अधिक सुगम हो गया है। मॉकड्रिल के दौरान प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से आपदा प्रबंधन व्यवस्था का आकलन किया। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की गति, विभागों के समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया की भी समीक्षा की। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की रुटीन मॉकड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपदा या आकस्मिक स्थिति में राहत कार्यों की प्रभावशीलता को परखना और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना है।