दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की वायरल वीडियो को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। मंगलवार को पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी और शिरोमणि अकाली दल के जिला शहरी प्रधान इकबाल सिंह ढींढसा ने पंजाब प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर आम आदमी पार्टी सरकार पर सिख पंथ को जानबूझकर टारगेट करने के गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों के गायब होने के मामले में बनाई गई एसआईटी में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जो लंबे समय से सरकार के करीबी रहे हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जब यह मामला पहले सामने आया था, तब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने खुद जांच कर सच्चाई उजागर की थी। अकाली नेताओं ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब की जनता से किए गए वादों पर खरी नहीं उतर पाई है और अब असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक मामलों को उछाला जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार अपना काम करे, लेकिन किसी भी धर्म में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिरोमणि अकाली दल ने दो दिन पहले डिप्टी कमिश्नर जालंधर को मेमोरेंडम सौंपकर मांग की थी कि गुरु साहिब के लिए कथित अपशब्दों को लेकर पूर्व सीएम आतिशी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।