चंडीगढ़ के रामदरबार क्षेत्र में आयोजित विशेष समाधान शिविर में उस समय प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया, जब स्थानीय निवासियों ने एक-एक कर अपनी बुनियादी समस्याओं का पुलिंदा पंजाब के राज्यपाल और प्रशासक गुलाबचंद कटारिया के सामने खोल कर रख दिया। शिक्षा, खेल, जर्जर सीवरेज व्यवस्था, पानी की किल्लत और सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर जनता का दर्द खुलकर सामने आया। लोगों ने दो टूक शब्दों में कहा, जिन्होंने चंडीगढ़ की नींव रखी, आज उन्हीं को दूसरे दर्जे का नागरिक समझा जा रहा है। प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने जनता की शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इन समस्याओं का समाधान इस तरह किया जाए कि दूसरों को भी मालूम पड़े कि काम हुआ है। स्थानीय निवासी विजय कुमार देसवाल ने स्कूलों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रामदरबार के दो स्कूलों में पिछले 8 से 10 साल से एनुअल स्पोर्ट्स मीट तक नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा स्कूलों में वोकेशनल कोर्स (व्यावसायिक पाठ्यक्रम) और स्पोर्ट्स टीचर्स की भारी कमी है। क्षेत्र में कोई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स या प्ले-ग्राउंड नहीं है, जिससे युवा नशे की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। लवकेश कुमार और रमेश राव ने मांग की कि स्थानीय स्कूलों में मेडिकल व नॉन-मेडिकल स्ट्रीम शुरू की जाएं और फेज-1 के स्कूल को प्लस-टू (+2) तक अपग्रेड किया जाए।