फरीदकोट में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस के सीआईए स्टाफ ने एक युवक और महिला को 1 किलो 118 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों से एक मोटरसाइकिल,दो मोबाइल फोन व 51सौ रुपये की ड्रग मनी भी बरामद हुई हैं। दोनों के खिलाफ थाना सदर कोटकपूरा में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार एसएसपी गुरबंस सिंह बैस के निर्देश पर सीआईए टीम गश्त के दौरान गांव खारा पहुंची थी। यहां एक बंद पड़े पेट्रोल पंप के पास मोटरसाइकिल पर युवक और महिला संदिग्ध हालत में खड़े दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर डीएसपी कोटकपूरा संजीव कुमार की मौजूदगी में तलाशी ली तो उनके कब्जे से 1 किलो 118 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साजन कुमार निवासी पंजेके उत्तर, जिला फिरोजपुर और राज कौर उर्फ छिंदर निवासी लाधुका मंडी, जिला फाजिल्का के रूप में हुई है। एसपी जसप्रीत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में खेप सीमावर्ती क्षेत्र से लाकर आगे सप्लाई करने की बात सामने आई है। राज कौर के खिलाफ पहले भी नशा तस्करी व धोखाधड़ी के तीन मामले दर्ज हैं और वह हाल ही में जेल से बाहर आई थी। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर हेरोइन के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगालेगी। एसपी ने बताया कि इसके अलावा जिला पुलिस ने पिछले 24 घंटे में एनडीपीएस एक्ट के तहत 10 केस दर्ज कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फरीदकोट जिला पुलिस ने युद्ध नशों के विरुद्ध अभियान के तहत पिछले चार महीनों में नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 495 मामले दर्ज कर 706 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एसपी हेडक्वार्टर जसप्रीत सिंह ने बताया कि इस दौरान 81 किलो 493 ग्राम हेरोइन, 79 किलो पोस्त, 8,282 नशीली गोलियां, 2 किलो 287 ग्राम अफीम और करीब 76 हजार रुपये ड्रग मनी बरामद की गई। पुलिस ने नशा तस्करी के साथ अवैध हथियारों के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए पिछले तीन महीनों में 19 पिस्टल और एक पाइप गन बरामद की है। वहीं, नशा तस्करों की 9 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की चल-अचल संपत्ति संबंधित अथॉरिटी से मंजूरी लेने के बाद फ्रीज करवाई गई है। अभियान के दौरान पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने कोटकपूरा सिटी थाना क्षेत्र में चल रहे एक अनधिकृत नशा छुड़ाओ केंद्र को भी सील किया। एसपी के अनुसार सेफ पंजाब हेल्पलाइन पर फरीदकोट जिले से 899 शिकायतें मिलीं, जिनकी जांच के बाद 415 मामले दर्ज किए गए। प्रोजेक्ट संपर्क के तहत वर्ष 2026 में 105 जागरूकता बैठकें भी की गईं। पुलिस का कहना है कि नशे की सप्लाई चेन तोड़ने और युवाओं को नशे से दूर करने के प्रयास लगातार जारी हैं।