बंदी सिंहों की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग को लेकर एसजीपीसी सदस्य भाई मनजीत सिंह ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। अमृतसर में एसजीपीसी कार्यालय के नजदीक पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि एक तरफ डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल दी जा रही है, जबकि दूसरी तरफ लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई का मामला लगातार लटकाया जा रहा है। भाई मनजीत सिंह ने कहा कि भाई जगतार सिंह हवारा अपनी बुजुर्ग मां से मुलाकात के लिए पैरोल की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके और उनके परिवार के लिए बेहद भावुक और महत्वपूर्ण मामला है। बंदी सिंहों के परिवार वर्षों से अपने परिजनों की रिहाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए चंडीगढ़ में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए गए और पंजाब बंद का आह्वान भी किया गया, जिसे लोगों का समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि पूरी सिख कौम बंदी सिंहों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। भाई मनजीत सिंह ने सवाल उठाया कि यदि दुष्कर्म के दोषी राम रहीम को बार-बार पैरोल दी जा सकती है तो लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिंहों के मामले में अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है? उन्होंने भाई बलवंत सिंह राजोआणा समेत अन्य बंदी सिंहों की रिहाई की मांग करते हुए सरकार से बिना देरी निर्णय लेने की अपील की।