लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने संघर्ष तेज करने का फैसला लिया है। एसजीपीसी की अंतरिंग कमेटी और सदस्यों के फैसले के अनुसार 27 अगस्त को प्रदेश के सभी गुरुद्वारा साहिबों में श्री अखंड पाठ साहिब शुरू किए जाएंगे। 29 अगस्त को सुबह 10 बजे अखंड पाठ के भोग के बाद बंदी सिखों की रिहाई के लिए अरदास की जाएगी। एसजीपीसी के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने बैठक के दौरान कहा कि पिछले संघर्षों में सिख परंपराओं के अनुसार योगदान देने वाले पंजाब के कई सिख युवा अपनी सजा पूरी करने के बावजूद 20 से 35 वर्षों से विभिन्न जेलों में बंद हैं। एसजीपीसी और सिख संगठनों की ओर से लंबे समय से सरकारों से उनकी रिहाई की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई के लिए बड़े स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था और लाखों फॉर्म सरकार तक पहुंचाए गए, लेकिन अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। भाई जगतार सिंह हवारा के पैरोल के मामले में भी सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्कूल-कॉलेजों में भी होगी अरदास एसजीपीसी के अनुसार 29 अगस्त को शिक्षण संस्थानों, स्कूलों और कॉलेजों में भी श्री सुखमनी साहिब के पाठ के भोग डाले जाएंगे। इस दौरान बंदी सिखों की जल्द रिहाई के लिए अरदास की जाएगी। काहलवां ने कहा कि सरकारों के कान खोलने और बंदी सिखों को न्याय दिलाने के लिए एसजीपीसी की ओर से संघर्ष को और तेज किया जाएगा।