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मध्य प्रदेश: आवारा मवेशियों से परेशान ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन, सैकड़ों गाय-बैलों के साथ पहुंचे तहसील

Tue, 01 Sep 2026 10:08 AM IST
शहडोल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

ब्यौहारी में खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। सात से अधिक गांवों से सैकड़ों मवेशियों को एकत्र कर ग्रामीण उन्हें लेकर तहसील कार्यालय की ओर निकल पड़े। सड़क पर एक साथ बड़ी संख्या में मवेशियों का झुंड देखकर राहगीर भी हैरान रह गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हुआ और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मवेशियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

पहले ही दे दी थी प्रशासन को आंदोलन की सूचना
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-2 के सदस्य ने किया। उन्होंने एसडीएम ब्यौहारी को पहले ही पत्र सौंपकर 31 अगस्त की सुबह छह बजे से मवेशियों को एकत्र कर तहसील कार्यालय पहुंचने की जानकारी दी थी। पत्र में यह भी कहा गया था कि जब तक समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक विरोध जारी रहेगा।

खेतों में फसल और सड़कों पर मवेशियों का कब्जा
ग्रामीणों का कहना है कि जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-2 की 22 पंचायतों में आवारा मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दिनभर सड़कों पर घूमने वाले मवेशी रात में खेतों में पहुंचकर किसानों की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

गौशालाओं की कमी को बताया समस्या की बड़ी वजह
ग्रामीणों के मुताबिक, इस समस्या का बड़ा कारण पर्याप्त संख्या में गौशालाओं का नहीं होना है। उनका कहना है कि जब तक आवारा गौवंश के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं होगी, तब तक किसानों को राहत नहीं मिलेगी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से क्षेत्र में नई गौशालाओं का निर्माण कराने की मांग की। उनका कहना है कि गांवों में गौठान और चारागाह के लिए पहले से सुरक्षित जमीन उपलब्ध है, जिसका उपयोग गौशालाएं बनाने में किया जा सकता है। ग्रामीणों ने गौवंश को सुरक्षित रखने के साथ किसानों की फसलों को बचाने के लिए स्थायी व्यवस्था लागू करने की मांग रखी।

सैकड़ों मवेशियों का काफिला देख प्रशासन के हाथ-पांव फूले
बुड़वा, बुड़ा, रामपुरा, कुठिया, जगमल, करौंदिया समेत आसपास के गांवों से मवेशियों को एकत्र किया गया था। जैसे ही इनके तहसील कार्यालय की ओर बढ़ने की सूचना प्रशासन को मिली, पुलिस बल और अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

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बड़ी संख्या में मवेशियों के कारण सड़क पर स्थिति असामान्य हो गई। पुलिसकर्मी मवेशियों को हटाते और नियंत्रित करते नजर आए। इसके बाद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही रोककर बातचीत की। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि किसानों की फसल और गौवंश दोनों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को स्थायी समाधान करना होगा।

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