फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमपी: नर्मदापुरम में शुरू हुआ पितृपक्ष, नर्मदा घाटों पर उमड़े श्रद्धालु, तर्पण-पिंडदान का दौर जारी

Sat, 26 Sep 2026 11:54 AM IST
नर्मदापुरम ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम

भाद्रपद पूर्णिमा के साथ ही पितरों के स्मरण और तर्पण का दौर शुरू हो गया है। हिंदू धार्मिक परंपरा में पितृपक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान लोग अपने दिवंगत परिजनों की आत्मिक शांति और उनकी स्मृति में तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध और दान-पुण्य जैसे धार्मिक कार्य करते हैं। पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर को है, जबकि पितृपक्ष 27 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समाप्त होगा। नर्मदापुरम में पितृपक्ष के अवसर पर नर्मदा घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। सुबह से ही श्रद्धालु नर्मदा स्नान के लिए घाटों पर पहुंच रहे हैं। स्नान के बाद लोग अपने पितरों के निमित्त तर्पण कर रहे हैं और विधि-विधान से श्राद्ध कर्म संपन्न कर रहे हैं। सेठानी घाट सहित शहर के अन्य नर्मदा घाटों पर भी धार्मिक गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष में पितरों के निमित्त श्रद्धापूर्वक तर्पण, पिंडदान और दान करने का विशेष महत्व है। परिवार के जिन सदस्यों का निधन हो चुका है, उनकी मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध कर्म किया जाता है। पितृपक्ष को पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके स्मरण का अवसर माना जाता है।

पढे़ं: गणेश पंडाल में फैला करंट; चार की मौत, तीन घायल; विसर्जन के बाद थककर सो रहे थे लोग नर्मदापुरम में नर्मदा नदी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होने के कारण यहां नर्मदा तट पर श्राद्ध और तर्पण कर्म के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। कई परिवार पितरों की स्मृति में नर्मदा स्नान के बाद सामूहिक रूप से तर्पण करते हैं। घाटों पर पुरोहितों की मौजूदगी में श्रद्धालु अपनी परंपरा और मान्यताओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं। पितृपक्ष के दौरान अलग-अलग तिथियों पर संबंधित तिथि में दिवंगत हुए परिजनों के लिए श्राद्ध किया जाता है। पंचांग के अनुसार इस अवधि में प्रतिपदा से लेकर चतुर्दशी तक विभिन्न श्राद्ध तिथियां रहेंगी। 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृपक्ष का समापन होगा। नर्मदा तट पर सुबह के समय श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच तर्पण और पिंडदान का सिलसिला जारी है। आगामी दिनों में भी नर्मदापुरम के घाटों पर पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान और तर्पण किए जाने का क्रम जारी रहेगा।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें