जाने-माने लेखक, गांधीवादी, पर्यावरणविद, संपादक और छायाकार अनुपम मिश्र का निधन हो गया है। दिल्ली के एम्स में सोमवार सुबह उनके निधन की खबर फैलते ही उनके तमाम प्रशंसक दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में जुटना शुरू हो गए। मिश्र 68 साल के थे और काफी समय से प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित थे । हिंदी के दिग्गज कवि और लेखक भवानी प्रसाद मिश्र के बेटे अनुपम बीते एक बरस से प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे थे। विकास की तरफ़ लगातार भागते समाज को कुदरत की कीमत को समझाने वाले अनुपम मिश्र ने देश भर के गांवों का दौरा कर रेन वाटर हारवेस्टिंग के गुर सिखाए। उनकी 'आज भी खरे हैं तालाब', 'राजस्थान की रजत बूंदें' जैसी लिखी किताबें जल संरक्षण की दुनिया में मील के पत्थर की तरह हैं।