सच ही कहा गया है गुरु ईश्वर से भी अपर होते हैं। शिक्षकों के बिना तो राष्ट्र का निर्माण हो ही नहीं सकता। शिक्षको के इस योगदान को सराहने के लिए अमर उजाला हर साल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करता है । आज अमर उजाला शिक्षक सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया। अमिटी यूनिवर्सिटी में हुए इस खास कार्यक्रम में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, और गाजियाबाद के अलग-अलग स्कूलों से चुने गए 210 सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को सम्मानित किया गया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया।
शिक्षा सिर्फ किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं बल्कि एक बेहतर समाज और मजबूत भविष्य की नींव है। इसी सोच को सलाम करता नजर आया अमर उजाला शिक्षक सम्मान समारोह 2026।
अमिटी यूनिवर्सिटी में आयोजित इस समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 210 स्कूलों के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को मतदान प्रक्रिया के ज़रिए चुना गया । दो हज़ार से ज़्यादा षिक्षकों ने अपना नामांकन सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के लिए किया था। और इनमे से सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का चुनाव किया स्कूलों के विद्यार्थियों ने। इस प्रक्रिया के ज़रिए शिक्षकों के चुनाव के पीछे अमर उजाला की निष्पक्षता बरतने की सोच है साथ ही बच्चों को लोकतांत्रिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना भी है ।
समारोह के मुख्य अतिथि रहे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक। उन्होंने अपने हाथों से चयनित शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया। इस मौके पर शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा गया कि देश और समाज के भविष्य को आकार देने में शिक्षक की भूमिका सबसे अहम है।
शिक्षकों के सम्मान का ये मंच उन शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और नवाचार को पहचान देने का भी अवसर बना, जो लगातार अपने विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए प्रयासरत हैं।
कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़े तमाम लोगों की मौजूदगी ने समारोह की गरिमा बढ़ाई। सम्मान पाने वाले शिक्षकों ने भी इस पहल को अपने काम के लिए बड़ी प्रेरणा बताया।
अमर उजाला की ये पहल सिर्फ पुरस्कार देने तक सीमित नहीं, बल्कि उन शिक्षकों को समाज के सामने पहचान दिलाने की कोशिश है, जो हर दिन देश के भविष्य को गढ़ने में जुटे हैं।