साल 2025 की विदाई हो चुकी है और अब हम 2026 में प्रवेश कर चुके हैं,एक ऐसा साल जो वैश्विक राजनीति में 'पॉलिटिकल थ्रिलर' साबित होने वाला है। इस वीडियो में हम विश्लेषण करेंगे उन 7 बड़े चुनावों का, जिनके नतीजे न केवल उन देशों की किस्मत बदलेंगे, बल्कि भारत के व्यापार, सुरक्षा और कूटनीति पर भी सीधा असर डालेंगे। साल 2025 अपने अंतिम दिनों में है। अगर इस साल का ब्योरा निकाला जाए तो सामने आता है कि 70 देशों में लोगों ने अपने घरों से निकलकर नेतृत्व चुनने के लिए मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इनमें कई चुनावों के नतीजे उम्मीद के तहत ही रहे। जैसे जर्मनी में क्रिश्चियन डेमोक्रेट पार्टी (सीडीपी) के नेता फ्रेडरिक मेर्ज की जीत हो या ट्रंप के प्रभाव से बदले हालात के बीच ग्रीनलैंड में डेमोक्रेटिक पार्टी की विजय। हालांकि, कुछ चुनावों ने दुनिया को चौंकाया। इनमें कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के चुनाव प्रमुख रहे। कनाडा में तो डोनाल्ड ट्रंप के धमकाने वाले रवैये का असर ऐसा रहा कि अमेरिका से करीबी रिश्ते रखने की समर्थक दक्षिणपंथी कंजर्वेटिव पार्टी को हार मिली। वहीं, ऑस्ट्रेलिया में एंथनी अल्बनीज के नेतृत्व में लेबर पार्टी को चौंकाने वाली जीत दिलाई।माना जा रहा है कि अब 2026 के चुनाव भी कुछ इसी तरह चौंकाने वाले रह सकते हैं। खासकर ट्रंप के आने के बाद से जिस तरह स्थितियां बदली हैं, उन्हें देखते हुए भारत में भी अब वैश्विक चुनावों को लेकर दिलचस्पी बढ़ी है। 2026 वह साल है, जब भारत के पड़ोस में भी कुछ अहम चुनाव तय हैं। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर दुनिया भर में 2026 में कहां-कहां चुनाव हैं? भारत के लिए इस साल कौन से कौन-कौन से देशों में होने वाले चुनाव अहम रहने वाले हैं? इन देशों में मौजूदा समय में सरकारें किसकी हैं? फिलहाल वहां मुद्दे क्या हैं? इसके अलावा इन अहम चुनावों में क्या दांव पर रहेगा?