जिला सिरमौर में पिछले दो दिनों से बारिश का कहर जारी है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जहां काफी नुकसान देखने को मिल रहा है तो वहीं रविवार को उस समय अफरा तफरी मच गई जब नाहन व पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्रों की सीमा पर स्थित कोलर गांव के समीप कटासन मंदिर के साथ जलमुसा खड्ड का जलस्तर बढ़ जाने के बाद टापू बनने से 8 ग्रामीण बीच में फंस गए। टापू पर फंसे 8 लोगों में 4 बच्चे भी शामिल थे। जिनकी आयु 3, 5, 8 व 13 वर्ष है। सूचना मिलने के बाद एसडीएम नाहन सलीम आजम टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान खड्ड का जल स्तर घटने के बाद टीम द्वारा जेसीबी मशीन के माध्यम से सभी को बाहर निकाल लिया गया और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात करीब 12 बजे कोलर के फांदीबाडीवाला में रह रहे उक्त लोगों ने जलमुसा खड्ड के जल स्तर बढ़ जाने और बीच में टापू बनने की सूचना साथ लगते गांवों के लोगों को दी, जिसके बाद लोगों ने इसकी जानकारी प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची। लेकिन रात भर भारी बारिश होने व सुबह भी बारिश जारी रहने के चलते खड्ड का जल स्तर नहीं घट रहा था। जिसके चलते लोगों को रेस्क्यू करने में देरी हुई। जैसे ही बारिश रूकी और खड्ड का जल स्तर घटा तो प्रशासन द्वारा जेसीबी की मदद से लोगों को बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान रेस्क्यू टीम के साथ साथ स्थानीय लोगों ने भी अहम भूमिका निभाई। बताया जा रहा है कि जो लोग फंसे थे वह गुर्जर परिवार हैं जो अपने पशुओं को पालकर दुध आदि बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं। हाल में उन्हें यहां जमीन दी गई थी। जिसके बाद उन्होंने यहां रहना शुरू किया है, लेकिन पहली ही बरसात में यहां उनकी जान पर बन आई। प्रशासन की टीम द्वारा जलमुसा खड्ड में टापू बन जाने के बाद फंसे युसुफ (70) पुत्र हसनदीन, मीर आलम (35) पुत्र युसुफ, रमाजानो (30) पत्नी मीर आलम, जाफर (13) पुत्र मीर आलम, गफुरा (8) पुत्री मीर आलम, जैतून (5) पुत्री मीर आलम, असमां (3) पुत्री मीर आलम तथा प्रेम सिंह (70) पुत्र संवारिया निवासी कोलर को रेस्क्यू टीम द्वारा निकाल लिया गया। कोलर में कटासन मंदिर के समीप खड्ड में पानी बढ़ जाने के बाद 8 लोग फंस गए थे, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। सूचना मिलने के बाद टीम द्वारा सभी का सफलतापुर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। एसडीएम नाहन सलीम आजम ने कहा कि एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था, मगर उनके पहुंचने से पहले ही जेसीबी मशीन के जरिए इन सभी लोगों का रेस्क्यू किया गया। परिवारों के पशु अभी इसी टापू पर फंसे हुए हैं जिन्हें पानी का बहाव कम होने के बाद निकल लिया जाएगा। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है।